MP IFS-SFS Transfer: 4 आईएफएस समेत 7 अफसरों के तबादले, कांग्रेस विधायक पर आरोप लगाने वाली DFO को भी बदला, देखें लिस्ट
हाइलाइट्स
- वन विभाग में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल
- DFO नेहा श्रीवास्तव का तबादला आदेश
- 7 अफसरों के तबादला आदेश जारी
MP IFS-SFS Transfer: मध्य प्रदेश के वन विभाग में सोमवार, 10 नवंबर को बड़ा फेरबदल किया गया है। वन विभाग ने चार आईएफएस (IFS) के साथ 3 राज्य वन सेवा के अधिकारियों के तबादला आदेश जारी किए हैं।
DFO नेहा श्रीवास्तव को भी हटाया
बालाघाट से कांग्रेस विधायक अनुभा मुंजारे पर 3 लाख की रिश्वत मांगने का आरोप लगाने वाली DFO नेहा श्रीवास्तव को हटा दिया गया है। उन्हें मध्य प्रदेश राज्य लघुवनोंपच संघ में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। आरोप गलत पाए जाने के बाद उनका तबादला हुआ है।
देखें, पूरी लिस्ट…

बालाघाट दक्षिण DFO अधर गुप्ता पर कार्रवाई
बाघ का शिकार हो जाने के बाद उसका बिना उधर, बाघ का पोस्टमार्टम कराए बिना जलाने के मामले में बालाघाट दक्षिण DFO अधर गुप्ता पर भी कार्रवाई हुई है। इसके बाद वे बिना किसी को जानकारी दिए लंबी छुट्टी पर चले गए थे। सुजीत जी पाटिल मुरैना डीएफओ को भी भोपाल मुख्यालय में पदस्थ किया गया है।
SFS अधिकारियों का भी ट्रांसफर
इसी तरह राज्य वन सेवा के अधिकारियों के भी तबादले किए गए हैं। पन्ना टाइगर रिजर्व के असिस्टेंट डायरेक्टर माधव सिंह मौर्य को मंडला का प्रभारी डीएफओ बनाया गया है। वहीं हरिश्चंद्र बघेल राज्य वन विकास निगम से मुरैना के प्रभारी डीएफओ बनाए गए हैं। इसी क्रम में रमेश सिंह धुर्वे को नीमच से उत्तर बालाघाट का प्रभारी डीएफओ नियुक्त किया गया है।

DFO नेहा श्रीवास्तव-अधर गुप्ता चर्चा में रहे
यह मामला तब सुर्खियों में आया जब दक्षिण सामान्य वन मंडल की डीएफओ नेहा श्रीवास्तव ने 18 अगस्त 2025 को अपने उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि विधायक अनुभा मुंजारे ने उनसे “2 से 3 पेटी” की मांग की थी।
घटना की गंभीरता को देखते हुए शासन ने दो सदस्यीय महिला जांच टीम बनाई, जिसमें भोपाल से एसीएफ स्तर की अधिकारी कमोलिका मोहंता और बैतूल से सीसीएफ वासू कनौजिया शामिल थे।
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टीम ने 12 सितंबर को बालाघाट पहुंचकर विस्तृत जांच की। इसमें डीएफओ, अरण्य सदन के कर्मचारी, रसोइया, वाहन चालक, विधायक और उनके स्टाफ सहित कई लोगों के बयान दर्ज किए गए। दूसरी ओर, डीएफओ अधर गुप्ता एक टाइगर की मौत के बाद उसके जलाए जाने के मामले में विवादों में आए थे। शासन ने उनके खिलाफ भी जांच के बाद कार्रवाई की।
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