गया ही नहीं भारत की इन जगहों को भी पिंडदान के लिए माना जाता है शुभ, पितृपक्ष के दौरान यहां जाकर भी कर सकते हैं तर्पण
पितृपक्ष के दौरान हजारों लोग तर्पण के लिए बिहार के गया जी जाते हैं। हालांकि, केवल गया ही नहीं, भारत की ऐसी कई जगहें हैं, जिसे पितृपक्ष के दौरान शुभ माना जाता है। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष की कामना करते हुए तर्पण और श्राद्ध कर्म करते हैं। ऐसे में कुछ लोगों का मानना है कि गया जी में तर्पण और श्राद्ध कर्म करने से ही पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलेगी। हालांकि, देश में ऐसी और भी जगहें हैं, जहां श्रद्धालु न सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, बल्कि यहां की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहरों को भी देखने का अवसर पाते हैं। अगर आप भी पितृपक्ष के दौरान पिंडदान के लिए गया जी के अलावा कोई जगह ढूंढ रही हैं, तो यह आर्टिकल आपके काम आएगा। आज के इस आर्टिकल में हम आपको कुछ खास जगहों के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
वाराणसी
पितृपक्ष के दौरान अगर आप तर्पण और श्राद्ध कर्म के लिए गया की जगह कोई और शुभ जगह ढूंढ रही हैं, तो वाराणसी जा सकती हैं। वाराणसी को मोक्ष नगरी कहा जाता है। यहां पितरों की आत्मा की शांति के लिए हजारों लोग देश-विदेश से तर्पण के लिए आते हैं।
वाराणसी में तर्पण के प्रमुख स्थान- आप मणिकर्णिका घाट, पंचगंगा घाट, दशाश्वमेध घाट और असी घाट जैसी जगहों पर जा सकते हैं। यहां आपको तर्पण कार्य के लिए पंडित भी मिल जाएंगे।
प्रयागराज संगम
संगम में पितरों के तर्पण के लिए हर साल हजारों श्रद्धालु आते हैं। पितृपक्ष के दौरान यहां काफी भीड़ रहती है। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम वाली यह जगह, पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष के लिए शुभ मानी जाती है। संगम स्थल धर्म में सबसे पवित्र स्थलों में गिना जाता है। माना जाता है कि लोग यहां तर्पण के लिए आते हैं, उनके पूर्वजों के साथ-साथ परिवार को भी आशीर्वाद मिलता है। अगर आप सोच रही हैं कि कहां पिंडदान के लिए जाएं, तो प्रयागराज जा सकती हैं।
प्रयागराज में तर्पण के प्रमुख स्थान- त्रिवेणी संगम, अरैल घाट, नागवासुकी मंदिर घाट और दारागंज घाट आप अपने पितरों के लिए जा सकते हैं।

हरिद्वार
हरियाणा, दिल्ली और पंजाब के आस-पास रहने वाले लोगों को हरिद्वार जाना आसान हो सकता है। हरिद्वार को गंगा नगरी कहा जाता है, इसलिए यहां किया गया तर्पण भी पूर्वजों के लिए अच्छा माना जाता है। गया, वाराणसी और प्रयागराज की तरह हरिद्वार में भी लोग पितृपक्ष के दौरान जाना शुभ मानते हैं।
हरिद्वार में तर्पण के प्रमुख स्थान- हर-की-पौड़ी घाट, कुशावर्त घाट और भीमगोडा कुंड।