चिरईगांव ब्लॉक परिसर में जलनिकासी कार्य में गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवाल


वाराणसी। विकास खण्ड कार्यालय चिरईगांव के ब्लॉक परिसर में क्षेत्रपंचायत मद से हो रहे जलनिकासी कार्य की गुणवत्ता को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। निर्माण में उपयोग की जा रही पाईपिंग और चैम्बर में पुरानी ईटों के इस्तेमाल के कारण सवाल उठ रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने शिकायत की है कि पाईप के नीचे न तो गिट्टी डाली जा रही है और न ही बालू, जिससे निर्माण मानकों की अनदेखी हो रही है। इस पर बीडीओ चिरईगांव छोटेलाल तिवारी ने कहा कि आप लोग बुलाए जाने पर ही परिसर में आ सकते हैं और उन्होंने मानकों के बारे में विस्तार से बताने से इंकार कर दिया।

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वहीं, अवर अभियंता लघु सिंचाई अशोक यादव ने बताया कि जलनिकासी के निर्माण में सीमेंट पाईप डालने से पहले पीसीसी करना और लेवलिंग करना अनिवार्य है। पाईप और बालू के लिए भी निर्धारित मानक हैं, जिनका पालन करना जरूरी है। यदि कहीं ऐसा नहीं किया जा रहा है, तो यह गलत है।

स्थानीय लोग और अधिकारी दोनों ही पक्षों के बयान से असंतुष्ट हैं, और ब्लॉक परिसर में हो रहे जलनिकासी कार्य की गुणवत्ता को लेकर निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है।

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