हाइलाइट्स
- इंदौर में प्रभारी सहायक अभियंता रिश्वत लेते गिरफ्तार।
- लोकायुक्त टीम ने 1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा।
- 11KV लाइन हटवाने की अनुमति के लिए मांगी थी घूस।
MP Sagar MPEB Assistant Engineer In Charge Milan Parateti Bribe Case: मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त की कार्रवाई लगातार जारी है। इसके बावजूद रिश्वतखोरी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे। सागर से एक बार फिर रिश्वतखोरी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां लोकायुक्त ने कार्रवाई करते हुए बिजली कंपनी के असिस्टेंट इंजीनियर (प्रभारी सहायक अभियंता) को एक लाख की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस अधिकारी ने प्लॉट के ऊपर से 11केवी लाइन हटाने की अनुमति के बदले में ठेकेदार से रिश्वत की डिमांड की थी।
ठेकेदार की शिकायत, लोकायुक्त की कार्रवाई
दरअसल, लोकायुक्त ने यह कार्रवाई पेटी ठेकेदार की शिकायत के बाद की है। ठेकेदार राम कुमार पटेल, निवासी नेहा नगर मकरोनिया ने सागर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त योगेश्वर शर्मा से शिकायत की थी, जिसमें बताया कि उनके प्लॉट से ऊपर से गुजर रही 11 केवी बिजली लाइन को हटवाने के लिए एक एस्टीमेट तैयार किया गया था। इस एस्टीमेट को DE (डिवीजनल इंजीनियर) से अप्रूव करवाने का आश्वासन दिया। साथ ही 11KV लाइन हटवाने की अनुमति के लिए सहायक अभियंता मिलन परतेती ने ₹1.50 लाख रुपए की डिमांड की, लेकिन बाद में यह सौदा ₹1 लाख पर तय हुआ। पैसे न देने की स्थिति में काम अटकाने की धमकी दी गई थी।
रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया अधिकारी
लोकायुक्त ने 3 सितंबर 2025 को शिकायत का सत्यापन किया गया। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद रिश्वतखोर अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप ऑपरेशन का प्लान बनाया गया। शनिवार 13 सितंबर को MPEB के पावर हाउस कार्यालय को लोकायुक्त के ट्रैप टीम ने योजना के अनुसार, शिकायतकर्ता ठेकेदार को 1 लाख रुपए की रिश्वत राशि देकर भेजा गया।
इसके बाद कनिष्ठ अभियंता (प्रभारी सहायक अभियंता) मिलन परतेती ने आवेदक को MPEB ऑफिस बुलाया। जैसे ही उन्होंने रिश्वत की रकम ली, लोकायुक्त टीम ने तुरंत दबिश देते हुए उन्हें एक लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।

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भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
लोकायुक्त निरीक्षक रोशनी जैन ने जानकारी दी कि प्रभारी सहायक अभियंता मिलन परतेती को ₹1 लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया है। उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी अधिकारी मिलन परतेती, मध्य प्रदेश विद्युत मंडल (MPEB) में कनिष्ठ अभियंता पद पर पदस्थ हैं और वर्तमान में सागर सर्कल में प्रभारी सहायक अभियंता के रूप में कार्यरत हैं। उनकी जिम्मेदारी में बिजली लाइन शिफ्टिंग, एस्टीमेट अप्रूवल और अन्य तकनीकी कार्य शामिल हैं।
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लगातार सामने आ रहे रिश्वत के मामले
सागर लोकायुक्त कार्यालय का कहना है कि, “बिजली विभाग जैसे तकनीकी संस्थानों में भ्रष्टाचार एक आम समस्या बन चुका है। ठेकेदारों को एस्टीमेट पास करवाने के लिए अनुचित भुगतान करना पड़ता है। इस ट्रैप कार्रवाई के जरिए हमने एक और भ्रष्ट अधिकारी को न्याय के कटघरे में खड़ा किया है।”
बता दें कि यह कार्रवाई मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी सख्त अभियान की एक अहम कड़ी है। यह मामला उन सरकारी सेवाओं में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करता है, जो सीधे तौर पर आम नागरिकों के जीवन को प्रभावित करती हैं। लोकायुक्त की इस तत्पर कार्रवाई ने न सिर्फ एक भ्रष्ट अधिकारी को बेनकाब किया, बल्कि यह स्पष्ट संदेश भी दिया है कि भविष्य में ऐसी गैरकानूनी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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