साल 2027 तक मीन राशि में विराजमान रहेंगे शनि, इन राशियों पर रहेगी विशेष कृपा

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ज्योतिष | 29 मार्च को शनि देव ने अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ से निकलकर मीन राशि में प्रवेश किया था. वह साल 2027 तक इसी राशि में विराजमान रहने वाले हैं. शनि देव (Shani Dev) को सबसे धीमी गति से चाल चलने वाले ग्रह के नाम से जाना जाता है. वह व्यक्ति को उनके कर्मों के हिसाब से फल देने के लिए जाने जाते हैं, ऐसा भी नहीं है कि शनि देव केवल बुरे प्रभाव ही देते हो.

जिन राशि के जातको से शनि देव में प्रसन्न होते हैं, उन्हें रंक से राजा बनने में ज्यादा समय नहीं लगता. आज की इस खबर में हम आपको शनि के मीन राशि में आने की वजह से कुछ राशि के जातकों को इसका मिला जिला प्रभाव मिलने वाला है. उनके बारे में विस्तार से जानकारी देने वाले हैं. शनि देव को न्याय फल दाता और कर्म फल दाता के नाम से भी जाना जाता है.

शनि के गोचर का मिथुन राशि पर प्रभाव

शनि के गोचर का प्रभाव मिथुन राशि के जातकों पर भी दिखाई देने वाला है. शनि आठवें और नवे भाव के स्वामी होकर दसवें भाव में प्रवेश कर रहे हैं. इसी वजह से इस राशि के जातकों को आने वाले कुछ समय थोड़ा संभल कर रहने की आवश्यकता है. छोटे से काम के लिए भी आपको ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है. आपको कोशिश करनी है कि आप अपने हर काम को बेहतर तरीके से करें कार्य स्थल में आंतरिक बदलाव देखने को मिल सकता है. जल्द ही, आपको कोई बड़ी जिम्मेदारी भी मिल सकती है.

आर्थिक स्थिति रहेगी मजबूत

शनि देव का मिथुन राशि के जातकों के दांपत्य जीवन पर प्रभाव दिखाई देने वाला है. इस राशि के जातक पार्टनर के साथ अच्छा तालमेल बैठाने में सफल होने वाले हैं, वही अविवाहित लोगों को भी जल्द ही शादी के प्रस्ताव मिल सकते हैं. धन लाभ के योग बनते हुए दिखाई दे रहे हैं. आपको काफी सोच समझ कर ही निवेश करने की प्लानिंग करनी है, पैसों को लेकर बनाई गई रणनीति में आपको सफलता मिलती हुई दिखाई दे रही है.

डिस्केलमर: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं विभिन्न माध्यमों/ ज्योतिषियों/ पंचांग/ प्रवचनों/ मान्यताओं/ धर्मग्रंथों पर आधारित हैं. Dailynews7 इनकी पुष्टि नहीं करता है.

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