गरीब बच्चों के लिए PDA पाठशाला संचालित करने पर मुकदमा, सपाइयों ने पुलिस कमिश्नर को सौंपा ज्ञापन

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वाराणसी। गरीब और वंचित तबके के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से समाजवादी छात्र सभा के पदाधिकारियों द्वारा संचालित PDA पाठशाला पर मुकदमा दर्ज किए जाने के विरोध में समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार को पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से मिला। इस दौरान ज्ञापन सौंपकर मुकदमे की कार्रवाई पर आपत्ति जताई। इसे असंवैधानिक बताते हुए तत्काल मुकदमा वापस लेने की मांग की। 

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर वाराणसी में समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष राहुल सोनकर और महानगर अध्यक्ष आयुष यादव गरीब बच्चों के लिए मुफ्त शिक्षा की पहल के तहत PDA पाठशाला चला रहे थे। इस पर वरुणा जोन के खंड शिक्षा अधिकारी (BEO) की तहरीर पर लालपुर-पांडेयपुर थाने में दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। इस मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस कमिश्नर से मुलाकात की। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में एमएलसी आशुतोष सिंन्हा ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार गरीब, मजदूर और किसान के बच्चों को शिक्षा से वंचित करने का काम कर रही है। 

उन्होंने कहा, “राज्य सरकार सरकारी स्कूलों को बंद करने और उन्हें मर्ज करने की नीति पर काम कर रही है। इसी के विरोध में हमारी पार्टी और छात्र सभा के पदाधिकारी PDA पाठशाला के माध्यम से जरूरतमंद बच्चों को पढ़ा रहे थे, लेकिन उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया। यह पूरी तरह संविधान के खिलाफ है।” एमएलसी ने कहा कि संविधान के समवर्ती सूची में शिक्षा का अधिकार स्पष्ट रूप से हर नागरिक को दिया गया है। ऐसे में किसी भी बच्चे को पढ़ने से रोकना संवैधानिक अधिकार का हनन है। उन्होंने सरकार पर “संविधान विरोधी” और “हिटलरशाही” तरीके से शासन करने का आरोप लगाया।

ज्ञापन में समाजवादी पार्टी ने मांग की कि PDA पाठशाला संचालित करने पर दर्ज मुकदमा तत्काल वापस लिया जाए और जिस अधिकारी की तहरीर पर यह मुकदमा दर्ज हुआ है, उसके खिलाफ भी कार्रवाई हो। इस अवसर पर समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष पीयूष यादव, छात्र सभा के जिला अध्यक्ष राहुल सोनकर, पूर्व विधायक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।








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