बालोद के डौंडी में पुल से गिरी स्कूल वैन: 7 साल की वेदांशी की मौत, 13 से अधिक बच्चे घायल, ड्राइवर को लेकर उठे सवाल और जांच शुरू


Balod School Van Accident: छत्तीसगढ़ के बालोद (Balod) जिले में बुधवार दोपहर एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ। डौंडी (Daundi) थाना क्षेत्र के छिंदगांव के आगे मरारटोला गांव के पास स्कूल वैन पुल से नीचे जा गिरी। हादसे में 7 साल की मासूम वेदांशी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 13 से अधिक बच्चे घायल हो गए। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक और अफरा-तफरी का माहौल है।

छुट्टी के बाद बच्चों को छोड़ने जा रही थी वैन

जानकारी के अनुसार आजाद पब्लिक स्कूल, डौंडी (Azad Public School Daundi) की वैन छुट्टी के बाद बच्चों को घर छोड़ने जा रही थी। पुल पार करते समय वाहन अचानक अनियंत्रित होकर नीचे गिर गया। ग्रामीणों के मुताबिक वैन में करीब 21 बच्चे सवार थे। सभी पहली से पांचवीं कक्षा के छात्र-छात्राएं थे।

ग्रामीणों ने दिखाई तत्परता

हादसे के तुरंत बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के ग्रामीण दौड़कर पहुंचे और वैन में फंसे बच्चों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और 108 एम्बुलेंस (108 Ambulance Service) मौके पर पहुंची।

घायलों को डौंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (Daundi Community Health Center) में भर्ती कराया गया है। कुछ बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है।

ड्राइवर को लेकर उठे सवाल

बालोद में स्कूल वाहन पुल से गिरा, बच्ची की मौत - Dainik Bhaskar

प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि वाहन स्कूल के नियमित चालक के बजाय कोई अन्य व्यक्ति चला रहा था। हालांकि प्रशासन ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। यदि यह बात सही पाई जाती है तो इसे स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही माना जाएगा।

पुलिस जांच में जुटी

डौंडी थाना प्रभारी उमा ठाकुर (Uma Thakur) ने बताया कि दुर्घटनाग्रस्त वाहन को जब्त कर लिया गया है। तकनीकी खामी, चालक की लापरवाही और अन्य संभावित कारणों की जांच की जा रही है। दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पहले भी परिवार पर टूटा था दुख

मृत बच्ची वेदांशी ग्राम लिम्हाटोला की रहने वाली थी। पिछले वर्ष उसके पिता चिम्मन साहू की भी सड़क हादसे में मौत हो गई थी। 27 जुलाई 2025 को डौंडी से लौटते समय ट्रैक्टर पलटने से उनकी जान चली गई थी। अब इस हादसे ने परिवार को एक और गहरा आघात दिया है।

सुरक्षा मानकों पर सवाल

इस घटना ने स्कूल वाहनों की फिटनेस, चालक की योग्यता और सुरक्षा मानकों पर फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों ने प्रशासन से नियमित जांच, प्रशिक्षित ड्राइवर की नियुक्ति और ओवरलोडिंग पर सख्ती की मांग की है। फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और पूरे जिले की नजर इस मामले पर बनी हुई है।

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