Narmada Jayanti 2026: माई की बगिया में पहली बार प्रकट हुईं नर्मदा कुछ समय बाद हो गई थीं लुप्त, फिर अमरकंटक कुंड से निकली अविरल धारा
नदियाँ पृथ्वी माता के तन की कोशिकाएँ हैं। वे माता वसुन्धरा का अभिषेक कर उसे शस्य-श्यामल बनाती हैं और अपने समीपस्थ क्षेत्रों को अपार सौंदर्य प्रदान करती हैं। नदियाँ आर्थिक-विकास का प्रमुख साधन हैं और सांस्कृतिक चेतना की संवाहक भी हैं। मानव सभ्यता की विकास यात्रा का समारंभ नदियों के तट से ही हुआ है। … Read more