रेलवे के नए नियम से आरामदायक होगी यात्रा, स्लीपर से सीधे सेकेंड एसी में मिल जाएगी सीट
नई दिल्ली | ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. अब स्लीपर क्लास का वेटिंग टिकट चार्ट बनने के बाद सीट खाली होने पर सीधे सेकेंड एसी तक अपग्रेड हो सकेगा. अभी तक यह सुविधा केवल थर्ड एसी तक ही सीमित थी. चेयरकार में भी टिकट अपग्रेड की सुविधा का लाभ मिलेगा.
आरामदायक होगी यात्रा
रेलवे बोर्ड के निदेशक संजय मनोचा ने सभी क्षेत्रीय रेलवे को पत्र भेजकर नए नियम की जानकारी दी है. उन्होंने क्रिस को सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव के निर्देश भी दिए हैं. अब यदि कुर्सीयान (सेकेंड सिटिंग) का टिकट है और एसी चेयरकार में सीट खाली है तो वह, वहीं अपग्रेड हो जायेगा. यही नहीं, एसी चेयरकार का टिकट भी एग्जीक्यूटिव क्लास में बदला जा सकेगा.
रेलवे की इस नई व्यवस्था के तहत यात्री बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के हायर क्लास में यात्रा का लाभ उठा सकेंगे. पहले केवल थर्ड एसी तक अपग्रेडेशन होता था, लेकिन अब स्लीपर से सेकेंड एसी, सेकेंड सिटिंग से एसी चेयरकार और चेयरकार से एग्जीक्यूटिव क्लास तक टिकट अपग्रेड होंगे. इसी तरह, सेकेंड एसी क्लास के टिकट को भी फर्स्ट एसी में बदला जा सकेगा, यदि सीट उपलब्ध हो. इससे खाली सीटों का बेहतर उपयोग होगा और यात्रियों को आरामदायक सफर की सुविधा मिलेगी.
2006 से लागू अपग्रेडेशन सुविधा
साल 2006 में इंडियन रेलवे द्वारा टिकट अपग्रेडेशन सुविधा शुरू की गई थी. इसके तहत यदि किसी यात्री का स्लीपर क्लास का टिकट कंफर्म नहीं होता और चार्ट तैयार होने के बाद सीटें खाली रहती हैं, तो टिकट स्वतः थर्ड एसी में अपग्रेड हो जाती है. यात्रियों को इस सुविधा के लिए कोई एक्स्ट्रा चार्ज नहीं देना होगा.
इस सुविधा का लाभ तभी उठा सकते हैं, जब टिकट बुक करते समय IRCTC की आधिकारिक वेबसाइट पर ‘ऑटो अपग्रेड’ का ऑप्शन चुना गया हो. यदि ऑप्शन नहीं चुना गया तो फिर इस सुविधा का लाभ नही मिलेगा. यदि कोई यात्री अपग्रेडेशन के बाद टिकट रद्द कराना चाहता है वो उसे वहीं रिफंड मिलेगा, जो मूल श्रेणी के टिकट की बुकिंग राशि के अनुसार तय होगा. यह सुविधा यात्रियों को कम खर्च पर बेहतर श्रेणी में यात्रा का मौका प्रदान करती है.