धराली आपदा में दिवंगतों को श्रद्धांजलि, भारत माता को रक्षा सूत्र अर्पण


कार्यक्रम का प्रारंभ

कार्यक्रम की शुरुआत धराली हादसे में दिवंगत हुए लोगों की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट के मौन के साथ हुई। उपस्थित कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए संकल्प लिया कि दुख की इस घड़ी में पूरा देश एकजुट है और हर कष्ट में सभी साथ खड़े हैं।

भारत माता को रक्षा सूत्र

श्रद्धांजलि के पश्चात, सभी कार्यकर्ताओं ने भारत माता को रक्षा सूत्र अर्पित किया। यह रक्षा सूत्र केवल एक प्रतीक नहीं, बल्कि देशभक्ति, निष्ठा, ईमानदारी और कर्तव्यबोध का संकल्प था। इस अवसर पर सभी ने प्रतिज्ञा की कि वे भारत माता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान में कोई कमी नहीं आने देंगे।

धराली त्रासदी: एक राष्ट्रीय पीड़ा

धराली की दुखद घटना ने समस्त राष्ट्र को शोकाकुल कर दिया है। पिछड़ा वर्ग मोर्चा – काशी क्षेत्र ने इस गहन पीड़ा की घड़ी में उन परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की, जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया। यह घटना केवल एक प्राकृतिक आपदा नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आघात है, जिसकी पीड़ा हर भारतीय ने महसूस की है।

राष्ट्रीय एकता का संदेश

कार्यक्रम में राष्ट्रीय एकता का संदेश देते हुए कहा गया कि जब तक प्राण हैं, भारत माता की सेवा और सुरक्षा में कोई कमी नहीं आएगी। भारत की एकता, अखंडता और समृद्धि के लिए हर परिस्थिति में सभी एकजुट रहेंगे। यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि का माध्यम था, बल्कि भावी पीढ़ियों के लिए यह प्रेरणा भी थी कि देश सर्वोपरि है।

कार्यक्रम में उपस्थिति

कार्यक्रम का संचालन सोमनाथ विश्वकर्मा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन ओमप्रकाश यादव बाबू और शंकर जायसवाल ने दिया। इस अवसर पर सिद्धनाथ गौड़, अलगु, राजू सिंह, अखिल वर्मा, मनीष चौरसिया, अजय विश्वकर्मा, गोपाल जी, भरत सिंह, गोरख मौर्या, धीरेन्द्र शर्मा, राजेश दुबे, धर्मचंद, प्रकाश सहित कई कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 








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