Tulsi Mala पहनते हैं? ये 5 गलतियां कर दीं तो मिल सकता है अशुभ फल, टूट सकता है पुण्य का प्रभाव
Tulsi Ke Mala ke Niyam: वैदिक ग्रंथों में तुलसी को देवी लक्ष्मी का स्वरूप और अत्यंत पवित्र पौधा बताया गया है। इसी तुलसी की लकड़ी से बनी माला को धारण करने वाले व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक ऊर्जा, मानसिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति आती है। मान्यता है कि तुलसी माला से मंत्रजाप करने पर उसका प्रभाव कई गुना बढ़ जाता है। खासकर लक्ष्मी माता और विष्णु भगवान के बीज मंत्रों का जाप करते समय तुलसी माला का प्रयोग अत्यंत शुभ माना जाता है। यही कारण है कि साधु-संत, भजन-कीर्तन करने वाले और भक्ति मार्ग के साधक इसे अपने गले में धारण करते हैं।
नियमों की अनदेखी से घट सकता है लाभ
तुलसी माला पहनते समय केवल आध्यात्मिक भावना ही नहीं, बल्कि कुछ विशेष नियमों का पालन भी जरूरी है। शास्त्रों के अनुसार, इसे पहनकर अशुद्ध स्थानों पर जाना, मांस-मदिरा का सेवन करना या अपशब्द बोलना अशुभ माना जाता है। इसके अलावा, सोते समय, स्नान करते समय या शारीरिक संबंध के दौरान इसे उतार देना चाहिए। कई लोग अनजाने में या लापरवाही से इन नियमों का पालन नहीं करते, जिससे माला का आध्यात्मिक प्रभाव कम हो जाता है और इसके शुभ फल घट सकते हैं।
सिर्फ पहनना नहीं, साधना का हिस्सा बनाना जरूरी
तुलसी माला को सिर्फ फैशन या दिखावे के लिए पहनना उचित नहीं है। यह कोई साधारण आभूषण नहीं बल्कि साधना का एक अहम अंग है। इसका असली लाभ तभी मिलता है जब व्यक्ति इसका सम्मान करे, शुद्ध जीवनशैली अपनाए और भक्ति भाव से इसे धारण करे। ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि जो लोग तुलसी माला पहनकर भी नकारात्मक आचरण करते हैं, उन्हें इसका उल्टा असर भी झेलना पड़ सकता है। इसलिए तुलसी माला धारण करने से पहले इसके नियम, महत्व और मर्यादाओं को समझना आवश्यक है।
(Disclaimer: यहां पर प्राप्त जानकारी सामान्य मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। Dailynews7 इसकी पुष्टि नहीं करता है।)