Gondia Jabalpur Railway Line: केंद्रीय कैबिनेट ने मंगलवार, 24 फरवरी को गोंदिया से जबलपुर तक रेलवे लाइन के दोहरीकरण को मंजूरी दे दी है। इस प्रोजेक्ट से बालाघाट जिले को विकास के रूप में सर्वाधिक लाभ मिलेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसे रामायण सर्किट के साथ ही उत्तर से दक्षिण तक एक महत्वपूर्ण कॉरिडोर बताया है।
केंद्रीय कैबिनेट द्वारा गोंदिया-जबलपुर रेल लाइन के दोहरीकरण की मंजूरी महाकौशल सहित प्रदेश के लिए बड़ी सौगात है। इससे नक्सल समस्या से मुक्त बालाघाट जिले के साथ ही जबलपुर, मंडला और सिवनी में कनेक्टिविटी मजबूत होगी, व्यापार-व्यवसाय और पर्यटन भी बढ़ेगा।
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— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) February 24, 2026
जबलपुर, मंडला, सिवनी-बालाघाट को मिलेगा लाभ
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि लगभग 231 किलोमीटर लंबी गोंदिया-जबलपुर रेलवे दोहरीकरण परियोजना को 5236 करोड़ रुपए की लागत से पांच साल में पूरा किया जाएगा। इससे महाराष्ट्र के गोंदिया और मध्य प्रदेश के जबलपुर, मंडला, सिवनी तथा बालाघाट जिलों को सीधा लाभ मिलेगा।
वन्यजीवों की सुरक्षा पर खर्च होंगे 450 करोड़
प्रोजेक्ट के तहत वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए 450 करोड़ रुपए अंडरपास और फेंसिंग पर खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा, नर्मदा नदी पर एक बड़ा पुल, 65 प्रमुख पुल और 369 छोटे पुलों का निर्माण कार्य भी किया जाएगा।
बालाघाट की सांसद भारती पारधी ने इस रेलवे लाइन के दोहरीकरण की मंजूरी पर खुशी जाहिर की। भारती ने बताया कि उन्होंने संसद सत्र में भी इस मांग को उठाया था। सांसद ने कहा, जब-जब देश में बीजेपी की सरकार रही है, रेलवे के विकास को गति मिली है।
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सांसद ने मोदी, वैष्णव और सीएम का आभार जताया
सांसद पारधी ने बताया कि अटल बिहारी वाजपेयी सरकार के दौरान बालाघाट रेलवे लाइन नैरोगेज से ब्रॉडगेज में बदली थी और अब मोदी सरकार में जिले को रेलवे दोहरीकरण का लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा, इस क्षेत्र के लोगों लम्बे समय ये मांग थी। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार व्यक्त किया।
‘दोहरीकरण से बालाघाट के विकास को गति मिलेगी’
सांसद पारधी ने कहा कि जब तक जिले को बेहतर कनेक्टिविटी से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक विकास संभव नहीं है। उन्होंने भरोसा जताया कि रेलवे दोहरीकरण के बाद जिले के विकास को निश्चित रूप से गति मिलेगी।
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