UP Budget: निराश्रित गोवंश के लिए 2000 करोड़, निषादराज बोट योजना से 1622 मछुआरों को लाभ- सीएम योगी
उत्तर प्रदेश विधानसभा में बजट पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए कृषि के साथ-साथ पशुपालन, मत्स्य, पर्यावरण संरक्षण और सहकारिता क्षेत्र को समान प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने बताया कि बजट 2026-27 में इन क्षेत्रों के लिए व्यापक और व्यावहारिक प्रावधान किए गए हैं।
निराश्रित गोवंश के भरण-पोषण के लिए 2000 करोड़ रुपये
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निराश्रित गोवंश के संरक्षण और भरण-पोषण के लिए बजट में 2000 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इसके साथ ही पशुधन की नस्ल सुधार की दिशा में भी ठोस कदम उठाए जाएंगे, जिससे दुग्ध उत्पादन में वृद्धि हो और पशुधन की गुणवत्ता बेहतर हो सके। उन्होंने कहा कि यह पहल पशुपालकों की आय बढ़ाने और ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने में सहायक होगी।
पशुपालन से ग्रामीण रोजगार और महिला सशक्तीकरण
सीएम योगी ने बताया कि ग्रामीण रोजगार और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए बकरी, भेड़, सूअर और कुक्कुट पालन को प्रोत्साहित किया जाएगा। इन गतिविधियों से स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं को आय के नए अवसर मिलेंगे, जिससे गांवों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
मत्स्य क्षेत्र को नई मजबूती, 100 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि मत्स्य क्षेत्र के विकास के लिए बजट में 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने बताया कि निषादराज बोट योजना के तहत अब तक 1622 मछुआरों को नाव, जाल और लाइफ जैकेट उपलब्ध कराए जा चुके हैं, जिससे उनकी आजीविका अधिक सुरक्षित और सुदृढ़ हुई है। इसके अलावा वर्ल्ड फिश सेंटर की स्थापना, मत्स्य बीज एवं ब्रूड बैंक, फिश प्रोसेसिंग सेंटर, आधुनिक मत्स्य मंडी और इंटीग्रेटेड एक्वा पार्क के विकास पर भी कार्य किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि उद्देश्य यह है कि लैंडलॉक्ड राज्य होने के बावजूद उत्तर प्रदेश मत्स्य उत्पादन में अग्रणी राज्यों में शामिल हो।
“एक पेड़ मां के नाम” से रिकॉर्ड पौधरोपण
पर्यावरण संरक्षण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत प्रदेश में अब तक 242 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है। वर्तमान में राज्य का वनाच्छादन लगभग 10 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष 35 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही रानीपुर टाइगर रिजर्व के विकास, क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट और वानिकी एवं औद्यानिक विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए भी बजट में प्रावधान किया गया है।
सहकारिता क्षेत्र में किसानों को सस्ते ऋण की सुविधा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लघु और सीमांत किसानों को राहत देने के लिए सहकारिता क्षेत्र में सस्ते ऋण की व्यवस्था की गई है। कोऑपरेटिव बैंकों से मिलने वाले महंगे ऋण पर सरकार ने सहूलियत प्रदान की है, जिससे किसान कृषि, पशुपालन और अन्य ग्रामीण गतिविधियों का विस्तार कर सकें।
समग्र ग्रामीण विकास की दिशा में बजट
मुख्यमंत्री ने कहा कि पशुधन संरक्षण, मत्स्य विकास, पर्यावरण संतुलन और सहकारिता के माध्यम से सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। बजट 2026-27 इन सभी क्षेत्रों में संतुलित और टिकाऊ विकास का स्पष्ट रोडमैप प्रस्तुत करता है।