UP Budget 2026: MSME के लिए 3,822 करोड़ रुपये का बजट, हर साल खुलेंगे 1 लाख सूक्ष्म उद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग में 16 हजार युवाओं को रोजगार का मौका

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UP Budget 2026 For MSME: आज बुधवार 11 फरवरी को योगी सरकार का अब तक का सबसे बड़ा 9 लाख 12 हज़ार करोड़ से ज़्यादा का बजट पेश किया गया। वित्तमंत्री सुरेश खन्ना ने पेश करते हुए सरकार की तरफ से कई बड़े ऐलान किए। इसमें एमएसएमई के लिए 3,822 करोड़ रुपये का बजट पेश किया गया। जिसमें हर साल 1 लाख सूक्ष्म उद्योग खोलने की बात की गई है। इसके अलावा खादी एवं ग्रामोद्योग में 16 हजार युवाओं को रोजगार का मौका दिया जाएगा। 

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम सेक्टर की योजनाओं के लिये 3,822 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025–2026 की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है।

सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई) उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। लगभग 3.11 करोड़ लोगों को रोजगार प्रदान करने के दृष्टिकोण से उत्तर प्रदेश एमएसएमई सेक्टर देश में अग्रणी है।

प्रदेश में एमएसएमई उद्योगों को प्रोत्साहन प्रदान करने के उद्देश्य से ‘एग्रेसिव क्लस्टर हाई टेक्नोलॉजी एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर ज़ोन’ प्रस्तावित की जा रही है, जिसके लिये 575 करोड़ रुपये की व्यवस्था का प्रस्ताव है।

मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान हेतु 1,000 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। योजना के अन्तर्गत प्रतिवर्ष 01 लाख सूक्ष्म उद्यमों की स्थापना का लक्ष्य है, जिसे आवश्यकतानुसार इसे बढ़ाया जायेगा।

मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना हेतु 225 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

‘एक जनपद एक उत्पाद’ जो एक नई योजना है, के लिये 75 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं औद्योगिकीकरण

इन्फ्रास्ट्रक्चर एवं औद्योगिकीकरण योजनाओं के लिये लगभग 5,041 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है, जो वर्ष 2025–2026 की तुलना में पाँच गुने से अधिक है।

वित्तीय वर्ष 2026–2027 में इन्फ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में 30,000 रोजगार सृजन का लक्ष्य है।

प्रदेश में मल्टीमॉडल हब बनाने हेतु पीएम गतिशक्ति योजना के अन्तर्गत विस्तारित मेगा टेक्सटाइल पार्क की स्थापना करायी जा रही है।

इन्फ्रास्ट्रक्चर कॉरिडोरों के साथ-साथ पावरटेक कॉरिडोर के उन्नयन के लिये अटल इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरिडोर विद्युत ग्रिड योजना के लिये 4,423 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे एवं मार्केटिंग पॉलिसी-2022 हेतु 150 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

खादी एवं ग्रामोद्योग

‘मुख्यमंत्री ग्रामीण रोजगार योजना’ के अन्तर्गत वर्ष 2026–2027 में 800 इकाइयों को 40 करोड़ रुपये बैंक ऋण से नये उद्यम स्थापित कराकर 16,000 लोगों को रोजगार उपलब्ध कराये जाने का लक्ष्य है।

पं. दीनदयाल ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अन्तर्गत ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित इकाइयों को ऋण पर ब्याज अनुदान की सुविधा हेतु 10 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

खादी उत्पादन केन्द्र खादी ग्रामोद्योग योजना के अन्तर्गत 07 करोड़ 50 लाख रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा माटीकला के परम्परागत कारीगरों के सर्वांगीण विकास हेतु सामूहिक माटीकला समेकित विकास कार्यक्रम के लिये 03 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

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