वाराणसी : नया आयकर अधिनियम और विरासत अधिकारों पर विशेषज्ञों ने की चर्चा, चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने साझा किए टिप्स

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वाराणसी। आईसीएआई (इंस्टिट्यूट ऑफ़ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ़ इंडिया) की वाराणसी शाखा द्वारा होटल हिंदुस्तान इंटरनेशनल मलदहिया में एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सुबह 10:00 बजे से शुरू हुआ और इसका मुख्य विषय था – “नया आयकर अधिनियम 2025, विरासत और संपत्ति अधिकार: हर परिवार को क्या जानना चाहिए”।

इस सेमिनार में मुख्य वक्ता के रूप में सीए पंकज शाह (सेंट्रल काउंसिल मेंबर, आईसीएआई), सीए मंगेश किनारे (सेंट्रल काउंसिल मेंबर, आईसीएआई) और सीए नितेश गुप्ता (आगरा) उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ शाखा अध्यक्ष सीए नीरज कुमार सिंह ने स्वागत भाषण द्वारा किया। अध्यक्षता का दायित्व सीए अजय कुमार मिश्रा और सीए कामेश्वर प्रसाद ने संभाला, जबकि कार्यक्रम का संचालन सीए हर्ष भूरा और सीए स्वस्ति जैन ने किया।

कार्यक्रम के प्रमुख सत्र और चर्चा
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में सीए मंगेश किनारे ने बताया कि भारतीय चार्टर्ड अकाउंटेंट्स संस्थान (ICAI) हमेशा लेखा व्यवसाय में उच्चतम नैतिक मानकों को बनाए रखने पर जोर देता है। बदलते कारोबारी वातावरण में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से यह अपेक्षा की जाती है कि वे केवल तकनीकी नियमों का पालन ही नहीं करें, बल्कि हर कार्य में नैतिक आचरण को सर्वोपरि रखें।

दूसरे सत्र में सीए पंकज शाह ने नया आयकर अधिनियम 2025 प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि यह अधिनियम भारत में प्रत्यक्ष कर ढांचे को आधुनिक और सरल बनाने के लिए बनाया गया है। अधिनियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू होगा। पुराने अधिनियम की 800 से अधिक धाराओं को घटाकर अब 536 धाराएँ कर दी गई हैं। इसके प्रावधान और भाषा आधुनिक और सरल बनाए गए हैं। अब “पूर्व वर्ष” और “आकलन वर्ष” की जगह “टैक्स ईयर” की अवधारणा होगी, जो 1 अप्रैल से शुरू होकर 12 माह की अवधि तक चलेगी। इसके साथ ही पार्टनरशिप फर्मों में पार्टनर रिम्यूनरेशन की सीमा बढ़ा दी गई है।

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कार्यक्रम के तीसरे सत्र में सीए नितेश गुप्ता ने विरासत और वसीयत के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वसीयत एक कानूनी दस्तावेज है, जिसमें व्यक्ति अपनी संपत्ति के वितरण के बारे में स्पष्ट निर्देश देता है। हर परिवार के लिए यह जानना आवश्यक है कि वसीयत कैसे बनाई जाती है और संपत्ति अधिकारों के बारे में जागरूक कैसे रहा जाए।

सेमिनार के अंत में धन्यवाद ज्ञापन शाखा सचिव सीए विकास द्विवेदी ने किया। कार्यक्रम में शाखा उपाध्यक्ष सीए वैभव मेहरोत्रा, कोषाध्यक्ष सीए रंजीत पांडेय, शिकासा अध्यक्ष सीए श्रीप्रकाश पांडेय, कार्यकारिणी सदस्य सीए नमन कपूर, पूर्व अध्यक्ष सीए रवि कुमार सिंह सहित अनेक प्रतिष्ठित चार्टर्ड अकाउंटेंट्स उपस्थित रहे।

इस कार्यक्रम ने चार्टर्ड अकाउंटेंट्स और आम जनता दोनों के लिए नया आयकर अधिनियम 2025 और संपत्ति एवं विरासत अधिकारों की जानकारी साझा करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।

 








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