जल संकट से हरियाणा के इन 10 जिलों में मचा हाहाकार, 51 जलघरों से पानी गायब

चंडीगढ़ | हरियाणा और पंजाब दोनों राज्यों के बीच पिछले कुछ काफी दिनों से पानी को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है. जहां एक ओर पंजाब हरियाणा को अतिरिक्त पानी देने से मना कर चुका है, वहीं हरियाणा पंजाब सरकार पर ओछी राजनीति करने का आरोप लगा रहा है. इन सबके बीच पिस रही है आम जनता.

सरकारी मानकों के हिसाब से प्रति व्यक्ति प्रतिदिन डेढ़ सौ लीटर पानी की जरूरत होती है, लेकिन इतना पानी भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है. हालात ऐसे हो चुके हैं कि 51 जलघरों से पानी गायब हो चुका है.

इन जिलों में सबसे गंभीर हालात

राज्य के 10 जिले ऐसे हैं, जहां जल संकट से त्राहिमाम मचा हुआ है. सबसे ज्यादा प्रभाव सिरसा, रोहतक, महेंद्रगढ़, चरखी दादरी और भिवानी सहित दक्षिण हरियाणा के कई इलाकों में हुआ है. जिन जगहों पर जल संकट पैदा हो चुका है, वहां ट्यूबवेल के जरिए पानी की आपूर्ति की जा रही है. इन इलाकों के शहरी क्षेत्रों में एक समय पानी की आपूर्ति की जा रही है. वहीं, गांव में एक दिन छोड़कर एक दिन पानी की आपूर्ति की जा रही है. सरकार का कहना है कि पंजाब सरकार द्वारा पानी में कटौती करने के चलते जल संकट पैदा हुआ है.

अधिकारियों को दिए गए निर्देश

इस विषय में अप्रैल 2025 को जन स्वास्थ्य विभाग के मंत्री रणबीर गंगवा की अध्यक्षता में जनता को पानी उपलब्ध करवाने हेतु एक मीटिंग का आयोजन किया गया था. जिसमें अधिकारियों को खास योजना तैयार करने के लिए निर्देश दिए गए थे. इसके अलावा, अधिकारियों को जल संकट के बीच फील्ड में ही नौकरी करने के भी निर्देश दिए गए थे. नहरी पानी कम होने से प्रदेश के 51 जलघरों में अब पानी समाप्त हो चुका है. वर्तमान में विभाग की ओर से पंप सेट के जरिए जलघर में पानी छोड़ा जा रहा है, लेकिन उससे भी समस्या खत्म नहीं हो पा रही है.

नहीं मानी पंजाब सरकार

मंत्री ने कहा कि हाईकोर्ट द्वारा हरियाणा के हित में फैसला देने के बावजूद पंजाब सरकार उस पर अमल नहीं कर रही है. गर्मी के समय लोगों को पानी की ज्यादा आवश्यकता पड़ती है. इसीलिए अगले 3 महीनों के दौरान इस समस्या को दूर करने के लिए अधिकारियों को योजना बनाने के निर्देश दिए गए थे. जन स्वास्थ्य विभाग की टीम आम जनता को पानी उपलब्ध करवाने के लिए हर संभव प्रयास करने में जुटी हुई है.

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