जब मां ही बनी बेटे की दुश्मन: हवस और गुस्से ने छीन ली मासूम जिंदगी
टकारी गांव की सनसनीखेज घटना: हवस और गुस्से ने तोड़ा मां-बेटे का रिश्ता
धार जिले के बाग थाना क्षेत्र के टकारी गांव से एक ऐसी दर्दनाक घटना सामने आई है जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। तीन साल से अपने पति से अलग रह रही ईडी बाई और उसके 18 वर्षीय बेटे इकेश की जिंदगी अचानक एक खौफनाक मोड़ पर आकर थम गई।
इकेश अपनी मां को समझाने और घर वापस लाने के इरादे से गांव पहुंचा था। लेकिन वहां उसने जो नज़ारा देखा, उसने उसकी दुनिया ही हिला दी। खेत में उसने अपनी मां को गांव के ही एक व्यक्ति, दीवान सिंह, के साथ देखा। इसी वजह से मां-बेटे के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।
बेटे ने मां से जवाब मांगा, लेकिन तकरार इतनी बढ़ी कि गुस्से और हवस ने इंसानियत की सारी हदें पार कर दीं। आवेश में आकर ईडी बाई ने देसी कट्टे से अपने ही बेटे पर गोली चला दी। गोली लगते ही इकेश की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद ईडी बाई और दीवान सिंह दोनों फरार हो गए।
समाज को झकझोर देने वाली कहानी
यह घटना केवल एक मां-बेटे के रिश्ते का अंत नहीं है, बल्कि इंसानी भावनाओं पर काबू न पाने का खतरनाक उदाहरण भी है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और पूरे गांव में इस घटना को लेकर सन्नाटा पसरा है।
सीख: रिश्तों की अहमियत समझें
इस त्रासदी ने एक कड़ा संदेश दिया है—
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जब हवस और गुस्सा हावी हो जाए, तो रिश्तों की डोर टूट जाती है।
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गलत फैसले जिंदगी छीन सकते हैं।
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संवाद, धैर्य और समझदारी ही रिश्तों को बचाने का असली रास्ता है।