दुर्ग में पुलिस-कोर्ट स्टाफ के सामने महिला कांग्रेस कार्यकर्ता का आत्मदाह: अस्पताल में इलाज के दौरान मौत, मकान मालिक से था विवाद

0


Durg Women Congress Worker Death: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद दुखद और संवेदनशील घटना सामने आई है। 22 जनवरी को कोर्ट के आदेश पर मकान खाली कराने पहुंची पुलिस और कोर्ट स्टाफ के सामने एक महिला कांग्रेस कार्यकर्ता ने खुद को आग के हवाले कर दिया। इस घटना ने मौके पर मौजूद लोगों को स्तब्ध कर दिया। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां 7 दिनों तक चले इलाज के बाद उसकी मौत हो गई।

मृतका की पहचान और राजनीतिक जुड़ाव

मृत महिला की पहचान शबाना निशा उर्फ रानी (37) के रूप में हुई है। वह दुर्ग के सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के पचरीपारा इलाके में किराए के मकान में रहती थी। शबाना कांग्रेस पार्टी से जुड़ी हुई थी और पिछले दुर्ग नगर निगम चुनाव में वार्ड क्रमांक 28 पचरीपारा से कांग्रेस के टिकट पर पार्षद पद का चुनाव भी लड़ चुकी थी।

मकान मालिक से पुराना विवाद

परिजनों के अनुसार, शबाना बचपन से फेरू राम के मकान में किराए से रह रही थी। वह चाहती थी कि मकान मालिक उसी घर को उसे बेच दे, ताकि वह वहीं रह सके। लेकिन मकान मालिक इसके लिए तैयार नहीं था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था।

जब आपसी बातचीत से कोई हल नहीं निकला, तो मकान मालिक ने जिला कोर्ट में अर्जी लगाई। कोर्ट में चली सुनवाई के बाद फैसला मकान मालिक के पक्ष में आया और शबाना को मकान खाली करने का आदेश दे दिया गया।

22 जनवरी को क्या हुआ मौके पर

22 जनवरी की दोपहर करीब 2:30 बजे पुलिस और कोर्ट स्टाफ आदेश का पालन कराने शबाना के घर पहुंचे। इस दौरान आसपास के लोग भी वहां इकट्ठा हो गए। बातचीत के बीच अचानक शबाना घर के अंदर गई और खुद पर मिट्टी तेल डालकर आग लगा ली।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग लगते ही वह जलती हुई घर से बाहर निकली। यह दृश्य इतना भयावह था कि मौके पर मौजूद पुलिस और कोर्ट स्टाफ भी कुछ पल के लिए पीछे हट गए। आसपास के लोगों ने हिम्मत दिखाते हुए चादरों की मदद से किसी तरह आग बुझाई, लेकिन तब तक शबाना करीब 95 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी।

अस्पताल में 7 दिन की जंग

घटना के तुरंत बाद शबाना को जिला अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद उसे रायपुर के डीकेएस अस्पताल रेफर कर दिया। वहां 7 दिनों तक उसका इलाज चला, लेकिन शुक्रवार को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पुलिस जांच जारी

घटना की जानकारी मिलते ही सिटी कोतवाली थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी ली। पुलिस का कहना है कि पूरी कार्रवाई कोर्ट के आदेश पर की जा रही थी। महिला ने अचानक खुद को आग के हवाले कर दिया। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।

यह घटना समाज में किराएदारों और मकान मालिकों के बीच बढ़ते विवाद, मानसिक दबाव और संवेदनशील मामलों में मानवीय पहलुओं पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

Leave A Reply

Your email address will not be published.