CG Patwari Strike: छत्तीसगढ़ में पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल के चलते राजस्व विभाग से जुड़े कई काम प्रभावित हो रहे हैं। इस आंदोलन को अब कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का भी समर्थन मिल गया है। जगदलपुर में फेडरेशन के पदाधिकारियों ने पटवारियों के धरना स्थल पर पहुंचकर काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया और शासन की कार्रवाई पर नाराजगी जताई।
CG Patwari Strike के बीच कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन ने सरकार से पटवारी संघ के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत करने और उनकी मांगों का समाधान निकालने की अपील की है। संगठन का कहना है कि आंदोलन कर रहे कर्मचारियों के खिलाफ निलंबन और ब्रेक इन सर्विस जैसी कार्रवाई करने के बजाय उनकी समस्याओं पर चर्चा होनी चाहिए।
पटवारियों के समर्थन में जगदलपुर में प्रदर्शन
कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन के पदाधिकारी जगदलपुर स्थित कृषि उपज मंडी परिसर पहुंचे, जहां पटवारी अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। यहां पदाधिकारियों ने काली पट्टी पहनकर विरोध दर्ज कराया और आंदोलनरत पटवारियों के प्रति एकजुटता दिखाई।
फेडरेशन का आरोप है कि हड़ताल में शामिल पटवारियों को निलंबन और ब्रेक इन सर्विस से संबंधित नोटिस दिए जा रहे हैं। संगठन ने इन कदमों को लेकर आपत्ति जताई है और कहा है कि इससे कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है।
सरकार से बातचीत शुरू करने की अपील
फेडरेशन ने राज्य सरकार से मांग की है कि पटवारियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई पर रोक लगाई जाए और उनके प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए बुलाया जाए।
संगठन ने PV ऐप से जुड़ी तकनीकी समस्याओं का मुद्दा भी उठाया है। उसका कहना है कि तकनीकी खामियों को दूर किए बिना कर्मचारियों से कामकाज की अपेक्षा करना उचित नहीं है।
फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने बातचीत के जरिए समाधान निकालने की पहल नहीं की, तो कर्मचारियों के बीच नाराजगी और बढ़ सकती है।
खरसिया SDM ने जारी किया No Work No Pay का आदेश
दूसरी ओर, हड़ताल के बीच प्रशासन ने भी सख्त रुख अपनाया है। खरसिया के एसडीएम की ओर से कार्य नहीं तो वेतन नहीं यानी No Work No Pay का आदेश जारी किए जाने की जानकारी सामने आई है।
इस आदेश के बाद पटवारियों और प्रशासन के बीच विवाद और गहरा सकता है। पटवारी संघ इस तरह की कार्रवाई को दमनात्मक बता रहा है। संघ का कहना है कि उनकी लंबित मांगों पर चर्चा करने के बजाय प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
राजस्व कार्यों पर पड़ रहा आंदोलन का असर
पटवारियों की हड़ताल के कारण जमीन से जुड़े कई सरकारी काम प्रभावित हो रहे हैं। इनमें नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा और राजस्व अभिलेखों से संबंधित काम शामिल हैं। इसके अलावा आय, जाति और निवास प्रमाणपत्रों के लिए जरूरी जांच प्रक्रिया में भी देरी हो सकती है।
ऐसे में आम नागरिकों और किसानों को अपने जरूरी काम पूरे कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बातचीत से समाधान निकालने की मांग
CG Patwari Strike के दौरान कर्मचारी अधिकारी फेडरेशन का समर्थन मिलने से आंदोलन को कर्मचारी संगठनों की ओर से भी आवाज मिली है। अब देखना होगा कि राज्य सरकार पटवारी संघ के साथ बातचीत शुरू करती है या प्रशासनिक सख्ती जारी रहती है।
फिलहाल पटवारियों की मांगों, PV ऐप की तकनीकी समस्याओं और कार्रवाई को लेकर गतिरोध बना हुआ है। आंदोलन समाप्त होने और राजस्व कार्य सामान्य होने को लेकर सरकार के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं।







