Muzaffarpur Liquor Seizure: बिहार में शराबबंदी कानून लागू होने के बावजूद अवैध शराब की तस्करी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी बीच मुजफ्फरपुर में उत्पाद विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए विदेशी शराब की एक विशाल खेप पकड़ी है। विभाग के अनुसार, जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। शराब पंजाब नंबर के एक ट्रक में छिपाकर लाई गई थी। कार्रवाई के दौरान ट्रक चालक को भी गिरफ्तार कर लिया गया।
यह कार्रवाई बेला थाना क्षेत्र के नारायणपुर इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में की गई। सूचना मिलने के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने संदिग्ध ट्रक को घेरकर उसकी तलाशी ली। जांच के दौरान उसमें भारी मात्रा में विदेशी शराब मिली। Muzaffarpur Liquor Seizure के इस मामले में अब विभाग की जांच का दायरा उन लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जिन्होंने शराब की खेप मंगाई थी।
पंजाब से शराब लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचा था ट्रक
गिरफ्तार चालक की पहचान पंजाब के फतेहगढ़ साहिब निवासी मनप्रीत सिंह के रूप में हुई है। उत्पाद विभाग के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में चालक ने बताया कि वह पंजाब से शराब लेकर मुजफ्फरपुर आया था। यहां इस खेप को अलग-अलग स्थानों पर पहुंचाया जाना था।
हालांकि, शराब की डिलीवरी होने से पहले ही उत्पाद विभाग की टीम ने ट्रक को पकड़ लिया। चालक को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि चालक से मिली जानकारी के आधार पर शराब मंगाने वाले स्थानीय लोगों तक पहुंचा जा सकता है।
गुप्त सूचना पर गठित हुई थी विशेष टीम
उत्पाद इंस्पेक्टर प्रकाश कुमार के अनुसार, विभाग को सूचना मिली थी कि बेला थाना क्षेत्र के नारायणपुर इंडस्ट्रियल एरिया फेज-2 में पंजाब नंबर का एक संदिग्ध ट्रक खड़ा है। सूचना में ट्रक के भीतर बड़ी मात्रा में विदेशी शराब होने की आशंका जताई गई थी।
इसके बाद एएसआई नीरज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम बनाई गई। टीम ने बताए गए स्थान पर पहुंचकर ट्रक की जांच की। तलाशी के दौरान शराब बरामद होने पर वाहन को जब्त कर लिया गया और चालक को गिरफ्तार कर लिया गया।
शराब मंगाने वाले नेटवर्क की तलाश में जुटा विभाग
कार्रवाई के बाद उत्पाद विभाग अब बरामद शराब की मात्रा और अन्य विवरणों का मिलान कर रहा है। साथ ही चालक से पूछताछ के आधार पर उन लोगों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है, जिन्हें यह खेप पहुंचाई जानी थी।
Muzaffarpur Liquor Seizure मामले में जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि पंजाब से बिहार तक शराब पहुंचाने के लिए किन लोगों और माध्यमों का इस्तेमाल किया गया। यदि पूछताछ में अन्य तस्करों के नाम सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
बिहार में शराबबंदी के बाद भी तस्करी बड़ी चुनौती
बिहार में अप्रैल 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके तहत राज्य में शराब के निर्माण, बिक्री, भंडारण और सेवन पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद दूसरे राज्यों से अवैध रूप से शराब लाने और उसकी आपूर्ति करने के मामले सामने आते रहते हैं।
मुजफ्फरपुर में करीब एक करोड़ रुपये की शराब की बरामदगी यह दिखाती है कि शराब तस्करी पर अंकुश लगाना प्रशासन के लिए अब भी चुनौती बना हुआ है। Muzaffarpur Liquor Seizure मामले में फिलहाल चालक की गिरफ्तारी हुई है, जबकि खेप के पीछे सक्रिय नेटवर्क और स्थानीय संपर्कों की जांच जारी है।







